
जावरा। श्रीगंगानगर (राजस्थान) में 13 वर्षीय मासूम बालिका के साथ हुई अमानवीय एवं हृदयविदारक घटना पर गहरा दुःख एवं आक्रोश व्यक्त करते हुए अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराध केवल एक परिवार पर नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता पर हमला हैं। इस प्रकार की घटनाएँ सभ्य समाज के लिए अत्यंत शर्मनाक हैं।
अभय सुराणा ने कहा कि मासूम बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन, प्रशासन एवं समाज सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे अपराधों में दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष, त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिले और समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे।
उन्होंने कहा कि अपराधियों को कानून के अनुसार ऐसी सख्त सजा मिले, जो भविष्य में इस प्रकार के जघन्य अपराध करने वालों के लिए प्रभावी निवारक सिद्ध हो। साथ ही जिन स्थानों पर इस प्रकार के अवैध और अनैतिक कृत्यों को संरक्षण मिलता है, उनके विरुद्ध भी प्रशासन को बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
अभय सुराणा के साथ ही संस्थापक अध्यक्ष मोतीलाल बाफना राष्ट्रीय महामंत्री अभय श्रीमाल प्रचार मंत्री निलेश बाफना आशीष जैन शेखर नाहर अजीत खटोड़ महिला शाखा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्पना मुथा के साथ ही श्रीमती संगीता चिपड़़ आभा जैन नेहा जैन सपना संघवी शिल्पा जैन पमीता भंसाली ज्योति गंगवाल खुशबू दंड ने समाज से भी आह्वान किया कि बेटियों की सुरक्षा, नैतिक संस्कार, सामाजिक जागरूकता तथा संदिग्ध गतिविधियों की समय पर सूचना देने की जिम्मेदारी हम सभी को निभानी होगी। उन्होंने कहा कि मानवता, करुणा और नारी सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान हैं तथा इन मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
उन्होंने ईश्वर से पीड़ित बालिका एवं उसके परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करते हुए कहा कि समाज को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एकजुट होकर संवेदनशील एवं सजग वातावरण का निर्माण करना होगा।