मेहसाना सीमांधार स्वामी जैन मंदिर 30 अप्रैल 2021 । प्राणी मात्र के प्रति निस्वार्थ भाव से संवेदना से ओतप्रोत होने वाला ही धार्मिकता में प्रवेश कर सकता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने सीमधार स्वामी जैन मंदिर व्यक्त करते हुए कहा कि संवेदना हीन निष्ठुर और निर्दयी होता है वह मानवता के नाम पर कलंक है।
राष्ट्रसंत कमलेश ने बताया कि दर्द की कोई जाति और धर्म नहीं होता है दर्द को अपने और पराए के नजरिए से देखना शैतान के लक्षण है । उन्होंने कहा कि वैक्सीन और ऑक्सीजन को लेकर जिस प्रकार आरोप-प्रत्यारोप और सोतेला व्यवहार की बात हो रही है विश्व में हिंदुस्तान की छवि खराब हो रही है । राष्ट्रसंत में स्पष्ट कहा कि जो इस नाजुक दौर में भी कालाबाजारी कर रहे हैं नकली वस्तु दे रहे हैं वह मानवता के दुश्मन हैं उन पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ।
राष्ट्रसंत ने बताया कि मेहसाणा में कोविड-19 से पीडि़त परिवारों को निशुल्क भोजन व्यवस्था उनके घर तक पहुंचाने की की जा रही है । जैन धर्मावलंबी उसके लिए बधाई के पात्र हैं वैक्सीन ऑक्सीजन के लिए भी प्रयास शुरू किए जाए ऐसा प्रस्ताव राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने रखा।