आत्म संयम एवं व्यस्त रहकर नशे से दूर रहा जा सकता है, इसका सेवन परिवार समाज के साथ-साथ देश को भी कमजोर करता है

रतलाम । नशे का हमारे शरीर और मस्तिष्क पर विनाशकारी प्रभाव पड़ता है। यह हमारे पाचन तंत्र को प्रभावित कर लीवर और किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जिससे हमारे शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है । यह बात डॉक्टर लक्ष्मी नारायण पांडे शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर महेश दीक्षित ने शासकीय जवाहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में चलाए जा रहे ” नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत कही । डॉक्टर स्वर्णिमा पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा ऐसी बीमारी है जिसका केवल एक ही इलाज है नशे से दूर रहना ।इसके लिए हमारे पास नशीले पदार्थों के शारीरिक एवं सामाजिक दुष्प्रभाव की पूरी जानकारी होना चाहिए । प्राचार्य मंजुलता जादौन ने कहा कि सही संगत, जागरूकता एवं तनाव मुक्ति के लिए योग एवं व्यायाम के माध्यम से हम नशे से मुक्त रह सकते हैं । काउंसलर मानसी मिश्रा ने गतिविधियों के माध्यम से नशा मुक्ति शपथ दिलवाई वही वरिष्ठ शिक्षिका विनीता ओझा ने कहा कि आत्म संयम एवं व्यस्त रहकर नशे से दूर रहा जा सकता है, क्योंकि इसका सेवन परिवार ,समाज के साथ-साथ देश को भी कमजोर करता है । राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि मनुष्य का शरीर भगवान का मंदिर है एवं नशा इस मंदिर को अपवित्र ही नहीं करता बल्कि हमारी चेतना एवं मन पर प्रभाव डालता है । इस अवसर पर नशा मुक्ति केंद्र की काउंसलर पूजा भाटी सहित विद्यालय के शिक्षक विश्वास पांडे, इंदर सिंह परमार, रितेश कुमार निगम, मणि पुष्पक राय गौड ,रवि कुमार मोदी, दिनेश मईडा, बादर सिंगाड़ , विजय पांचाल,वंदना वर्मा, कीर्ति बाला यादव, कविता सिसोदिया, मनीषा सरयाम, मीनाक्षी हरोड़, धरती उपाध्याय, कविता वघेल, चारुलता श्रीवास्तव, निशा सिसोदिया, कीर्ति चावला, हर्षद भटनागर, सीमा पोरवालआदि ने अपनी बात रखी । कार्यक्रम का संचालन विनीता ओझा, आभार राजेंद्र राठौड़ ने माना ।

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