एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार पंकज पवैया ने किया मौका निरीक्षण, जल्द कार्रवाई का दिया भरोसा


जावरा (अभय सुराणा) । जावरा तहसील के ग्राम सेजावता में किसानों के पारंपरिक कृषि मार्ग पर कथित कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। खेतों तक जाने का रास्ता बंद होने से परेशान बड़ी संख्या में किसान गुरुवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्या को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। किसानों ने प्रशासन से मार्ग को तत्काल खुलवाने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
किसानों द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया कि ग्राम सेजावता स्थित उनकी कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए वर्षों पुराना पारंपरिक रास्ता उपयोग में लिया जाता रहा है। इसी मार्ग से किसान खेतों तक पहुंचते हैं तथा ट्रैक्टर सहित कृषि उपकरणों का आवागमन होता है। आरोप है कि एक कॉलोनाइजर द्वारा उक्त रास्ते पर दीवार बनाकर कब्जा कर लिया गया है, जिससे किसानों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। साथ ही पानी की निकासी का रास्ता भी बंद कर दिया गया है, जिससे बारिश के मौसम में खेतों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तत्काल संज्ञान लिया और जावरा तहसीलदार पंकज पवैया को मौके पर जांच के निर्देश दिए। आदेश मिलते ही तहसीलदार राजस्व अमले के साथ ग्राम सेजावता पहुंचे, जहां उन्होंने स्थल का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया तथा दोनों पक्षों से जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान किसान नेता डीपी धाकड़ सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसान नेता डीपी धाकड़ ने कहा कि किसानों के वर्षों पुराने रास्ते पर कब्जा कर उन्हें खेती-किसानी से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि प्रशासन ने शीघ्र उचित कार्रवाई कर रास्ता बहाल नहीं कराया तो किसानों को मजबूर होकर बड़े स्तर पर आंदोलन करना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वहीं तहसीलदार पंकज पवैया ने बताया कि मौके का निरीक्षण कर लिया गया है। राजस्व अभिलेखों एवं वस्तुस्थिति के आधार पर जांच पूरी कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि मामले का निष्पक्ष निराकरण कर उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा।