रतलाम श्रीसंघ भी बना इस ऐतिहासिक प्रवेश का साक्षी


(नीलेश बाफना रतलाम )
रतलाम 23 जुलाई। देश की डायमंड नगरी सूरत शहर मे परम पूज्या दक्षिण चन्द्रिका जैन दिवाकर महासाध्वी डॉ. संयमलता जी म.सा. आदि ठाणा-5 का मंगलमय चातुर्मास प्रवेश अत्यंत भव्य एवं ऐतिहासिक वातावरण में सम्पन्न हुआ।
ज्ञातव्य रहे की गुजरात ने पिछले दो दिनों से लगातार वर्षा हो रही थी। पूरी रात्रि मूसलाधार बारिश ने ऐसा वातावरण बना दिया था कि सभी के मन में यह चिंता थी कि महासतिया जी का मंगल प्रवेश कार्यक्रम कैसे सम्पन्न होगा। प्रातः जब परम पूज्या महासतीजी शान्ति भवन पधारने वाली थीं, उस समय भी तेज वर्षा हो रही थी। किन्तु जैसे ही पूज्या महासतीजी शान्ति भवन पधारीं, वर्षा पूर्णतः रुक गई। इसे देखकर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के मन श्रद्धा और आश्चर्य से भर उठे।
शान्ति भवन में नवकारसी का कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ।नवकारसी के दौरान पुनः मूसलाधार वर्षा प्रारम्भ हो गई, जिससे ऐसा लग रहा था कि अब शोभायात्रा निकलना अत्यंत कठिन होगा। किन्तु परम पूज्या महासतीजी ने पूर्ण विश्वास के साथ कहा— “हम ठीक प्रातः 8:00 बजे प्रस्थान करेंगे।” और हुआ भी ठीक वैसा ही। जैसे ही नवकारसी पूर्ण हुई और प्रातः ठीक 8:00 बजे का समय हुआ, वर्षा पुनः पूर्णतः बंद हो गई। मानो प्रकृति भी गुरु आज्ञा के समक्ष नतमस्तक हो गई हो। यह चमत्कार वाकई में चमत्कार साबित दिखाई दिया ।
इस अवसर पर आपको याद दिला दू की जब महासतिया जी का रतलाम मे वर्ष 2025 का चातुर्मास प्रवेश हुआ था तब भी ऐसा हीं बारिश का दौर चल रहा था और गुरुभक्ति के जज्बे और महासतिया जी के आशीर्वाद से तत्काल बारिश रुक गई थी और रतलाम नगर मे भव्य मंगल प्रवेश हुआ था।
ठीक ऐसा हीं सूरत शहर मे हुआ इसके पश्चात शान्ति भवन से लगभग 2000 से अधिक गुरु भक्तों की विशाल उपस्थिति में भव्य शोभायात्रा जयघोष, भक्ति और उल्लास के साथ अलथान टेनामेंट कम्युनिटी हॉल के लिए रवाना हुई। सबसे अद्भुत बात यह रही कि सम्पूर्ण शोभायात्रा के दौरान वर्षा की एक भी बूँद नहीं गिरी और सभी श्रद्धालु अत्यंत आनंद एवं उत्साह के साथ कम्युनिटी हॉल पहुँचे। जैसे ही परम पूज्या महासतीजी एवं समस्त संघ कम्युनिटी हॉल पहुँचा, उसी क्षण पुनः मूसलाधार वर्षा प्रारम्भ हो गई। यह दृश्य उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु के लिए किसी दिव्य अनुभूति से कम नहीं था। सभी ने इसे परम पूज्या महासतीजी के तप, त्याग, साधना एवं गुरु कृपा का प्रत्यक्ष प्रभाव माना।
इस अवसर पर महासतीजी ने रतलाम श्रीसंघ की सेवा भक्ति की एवं विगत वर्ष हुए चातुर्मासिक प्रवेश एवं समस्त आयोजनों की खूब खूब अनुमोदना की । महेंद्र बोथरा ने रतलाम श्रीसंघ की और से महती धर्मसभा को संबोधित किया ।
सूरत श्रीसंघ अध्यक्ष हुक्मीचंद कोठारी द्वारा रतलाम के ज्योतिषाचार्य मालव रत्न कस्तूरचंद जी मसा के दिव्य आशीर्वाद से अपने रुके हुए काम पूर्ण होने पर रतलाम श्रीसंघ को एक लाख रुपये की राशि सद्कार्य हेतु प्रदान की ।
इस मंगलमय प्रवेश के अवसर पर रतलाम श्रीसंघ ने भी अपनी उपस्तिथि दर्ज कराते प्रवेश के साक्षी बने। श्री वर्धमान स्थाकवासी जैन श्रावक संघ नीमचौक रतलाम के संघ गौरव महेंद्र-ललिता बोथरा, अध्यक्ष अजय-सीमा खमेसरा , महामंत्री विनोद-प्रतिभा कटारिया, कोषाध्यक्ष अमृत कटारिया, विनोद-सोनू बाफना, प्रदीप-राजकुमारी पोखरना, विजय-रीना गाँधी, रवि-सीमा बोथरा, विकास-रचना कटारिया, रितेश मूणत, पियूष श्रीश्रीमाल, नीलेश बोथरा, संदीप नमन चानोदिया, गर्वित गोखरू, भूमि गाँधी, लक्ष्य कटारिया, सुहानी पटवा, नव्या पटवा, आराध्या गाँधी आदि उपस्थित थे।