“हरित धरोहर बैंक” के पोस्टर का विमोचन, बैंक का हुआ शुभारंभ

“हर पौधे को नया घर” अभियान से पर्यावरण संरक्षण की अभिनव पहल

रतलाम। पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली संवर्धन की दिशा में जनभागीदारी को बढ़ावा देने हेतु वैदिक जागृति ज्ञान-विज्ञान पीठ, रतलाम द्वारा “हरित धरोहर बैंक” अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अभियान के व्यापक जन-जागरण के लिए तैयार किए गए पोस्टर एवं जानकारी पत्रक (पम्पलेट) का विधिवत विमोचन किया गया।
पोस्टर विमोचन समारोह में पर्यावरणविद् डॉ. खुशाल सिंह पुरोहित, मुख्य डाकघर अधीक्षक श्री राजेश कुमावत, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय, एल्डरमैन श्री राकेश मिश्रा, श्री रूपेश सालवी, श्री कपिल व्यास , नवीन पाल, महर्षि संजय चैतन्य ब्रह्मचारी, श्री सतीश टांक, श्री अमन माहेश्वरी सहित अनेक पर्यावरण प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभिनव एवं जनहितकारी पहल बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
अभियान का उद्देश्य ऐसे पौधों को नया जीवन देना है, जो घर, गमले, आँगन, छत, बालकनी, कार्यालय अथवा बगीचे में स्थानाभाव या उचित देखभाल के अभाव में नष्ट होने की स्थिति में पहुँच जाते हैं। ऐसे पौधों को काटने या फेंकने के बजाय हरित धरोहर बैंक को सौंपने का आग्रह किया गया।
“Donate (दान करें), Adopt (गोद लें) एवं Relocate (नया घर दें)” की अवधारणा पर आधारित इस अभियान के अंतर्गत पौधों का सुरक्षित स्थानांतरण, उपचार, पुनः रोपण एवं नियमित देखभाल की जाएगी। भविष्य में रतलाम सहित अन्य शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी शाखाएँ स्थापित करने की योजना है।
पर्यावरणविद् डॉ. खुशाल सिंह पुरोहित ने कहा कि “छोटे पौधे को जड़ से उखाड़कर फेंक देना भ्रूण हत्या के समान है। ऐसे पौधों को नया जीवन देना हमारा नैतिक दायित्व है। हरित धरोहर बैंक पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अमूल्य धरोहर सिद्ध होगा।”
मुख्य डाकघर अधीक्षक श्री राजेश कुमावत ने अभियान में हरसंभव सहयोग का विश्वास दिलाते हुए अधिकाधिक युवाओं को जोड़कर इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने पर बल दिया।
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय ने कहा कि यह अभियान केवल पौधों के संरक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति एवं आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। वहीं महर्षि संजय चैतन्य ब्रह्मचारी ने नागरिकों से अपील की कि जिनके पास ऐसे पौधे हैं जिनकी उचित देखभाल संभव नहीं है, वे उन्हें हरित धरोहर बैंक को सौंपें, ताकि उनका सुरक्षित संरक्षण एवं संवर्धन किया जा सके।
अभियान की प्रेरणादायक शुरुआत अर्धनारीश्वर (किन्नर) परिवार की प्रमुख गुरु काजल गुरु जागीरदार द्वारा 51 पौधे हरित धरोहर बैंक में जमा कर की गई।

अभियान का संकल्प है—
“पेड़ नहीं काटेंगे, पौधे नहीं छूटेंगे, हर पौधे को नया घर मिलेगा।””कोई पौधा अनाथ नहीं रहेगा, कोई पौधा नष्ट नहीं होगा; हर पौधे को मिलेगा नया घर, नया जीवन और सुरक्षित भविष्य।”

इस अवसर पर कपिल व्यास, विभूति कश्यप, पूर्व मंडी अध्यक्ष प्रकाश भगोरा, प्रेमराज मीणा, भेरूलाल परमार, प्रकाश बडोला, विशाल वर्मा, बंशीलाल कुमावत, मुकेश शर्मा, महेशानन्द शास्त्री, सतीश भाटी, पंकज भाटी, नरेंद्र श्रेष्ठ, संजय मिश्रा, डॉ. पवन मजाकिया, इंजीनियर ललित शर्मा, राजेश पांडे, मनोज कुमार राय, श्यामसुंदर भाटी सहित अनेक पर्यावरण प्रेमियों की विशेष उपस्थिति रही।
अभियान के अंतर्गत वर्तमान में रतलाम नगर में पाँच प्रमुख “हरित धरोहर बैंक” शाखाएँ प्रारंभ की गई हैं, जहाँ नागरिक अपने अतिरिक्त अथवा स्थानांतरण योग्य पौधों को जमा करा सकते हैं। इनमें मांगल्य मंदिर, सत् साहित्य केंद्र (श्री कालिका माता मंदिर के पीछे), विनोबा नगर स्थित सार्थक स्थल, काना भाई रेती वाले का निवास (डोंगरे नगर मेन रोड) तथा महालक्ष्मी नगर शामिल हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित धरोहर बैंक अभियान को जन-आंदोलन बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया।

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