9 जिलों से पहुँचे 97 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे, 250 से अधिक परिजन; मेदांता की टीम ने BMT हेतु लिए 102 HLA सैंपल, मेडिकल कॉलेज की टीम ने प्रदान की संपूर्ण मल्टी-डिसिप्लिनरी केयर


रतलाम 2 अगस्त । डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रतलाम में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए शनिवार 1 अगस्त को आयोजित विशाल ‘जीवनधारा शिविर’ ऐतिहासिक और अत्यंत सफल रहा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के सहयोग से आयोजित इस शिविर में रतलाम सहित आसपास के 9 जिलों से आए 97 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और उनके 250 से अधिक परिजनों ने सहभागिता की।
शिविर का विधिवत शुभारंभ पद्मश्री डॉ. लीला जोशी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की अधिष्ठाता एवं सीईओ डॉ. अनीता मुथा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रदीप मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. अखंड प्रताप सिंह, मेदांता अस्पताल (गुरुग्राम) के प्रख्यात हीमैटोलॉजिस्ट डॉ. सत्य प्रकाश यादव, थैलेसीमिया मुक्त मध्य प्रदेश जनजागरण समिति के संरक्षक श्री सत्येंद्र सिंह राठौर, मार्गदर्शक एवं काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के श्री गोविंद काकानी, रेड क्रॉस सोसाइटी के श्री प्रीतेश गादिया एवं सेवा भारती के श्री अनुज छाजेड़, स्वतंत्र पाटनी, मोहित कसेरा, थैलेसीमिया आइकॉन वर्षा पवार, नितेंद्र आचार्य, बहन अवनी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मेडिकल कॉलेज द्वारा प्रदान की गई विस्तृत एवं उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं
शिविर में केवल परामर्श ही नहीं, बल्कि मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों द्वारा थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए समग्र (Comprehensive) स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं: मेडिकल कॉलेज की पीडियाट्रिक्स टीम द्वारा सभी 97 बच्चों एवं उनके भाई बहन का गहन शारीरिक परीक्षण और स्वास्थ्य मूल्यांकन किया गया। बच्चों के सर्वांगीण स्वास्थ्य जांच हेतु रक्त के नमूने लिए गए। जांच रिपोर्ट सीधे परिजनों के मोबाइल पर SMS के माध्यम से भेजने की डिजिटल व्यवस्था की गई। सभी जरूरतमंद बच्चों को आयरन चिलेशन और अन्य आवश्यक दवाइयां निःशुल्क वितरित की गईं। बच्चों के शारीरिक विकास और जोड़ों की सेहत के लिए फिजियोथेरेपी की सुविधा दी गई, साथ ही विशेषज्ञों द्वारा पोषण (Nutrition) संबंधी उचित मार्गदर्शन दिया गया। बच्चों और परिजनों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मनोवैज्ञानिक परामर्श (Psychotherapy) और ‘क्वालिटी ऑफ लाइफ’ का आकलन कर उचित काउंसलिंग की गई।
भविष्य में थैलेसीमिया माइनर बच्चों के जन्म को रोकने के लिए परिजनों को गर्भधारण के दौरान की जाने वाली जांचों और सावधानियों (Pre-natal screening) की विस्तृत जानकारी दी गई। जिन बच्चों को दिव्यांगता कार्ड की आवश्यकता थी, उनके लिए ऑन-द-स्पॉट दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
मेदांता फाउंडेशन ने BMT हेतु कलेक्ट किए 102 HLA सैंपल
थैलेसीमिया के स्थाई इलाज (बोन मैरो ट्रांसप्लांट) की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण HLA टाइपिंग जांच हेतु मेदांता फाउंडेशन की विशेषज्ञ टीम विशेष रूप से रतलाम पहुँची। डॉ. सत्य प्रकाश यादव के मार्गदर्शन में 53 पीड़ित बच्चों एवं उनके परिजनों (माता-पिता/भाई-बहन) के कुल 102 सैंपल कलेक्ट किए गए। शिविर को अंतर्राष्ट्रीय संस्था ‘PATH’ का भी सहयोग मिला, जिसकी ओर से डॉ. प्रतीक मोदी, डॉ. मयंक जोशी एवं श्री ओमप्रकाश प्रजापति, उपस्थित रहे। इस अवसर पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराकर स्वस्थ जीवन जीने वाली छोटी बच्ची मनस्वी राव ने उपस्थित बच्चों को हिम्मत के साथ बोन मैरो ट्रांसप्लांट करने की सलाह दी।
इलाज के साथ मनोरंजन: मिकी माउस, ड्राइंग और मूवी शो का बच्चों ने उठाया आनंद
अस्पताल के माहौल को खुशनुमा बनाने के लिए बच्चों के मनोरंजन का भी विशेष ध्यान रखा गया । शेप स्टेशनरी (Shape Stationery) के सौजन्य से चित्रकला (Drawing) प्रतियोगिता आयोजित की गई। बच्चों के खेलने के लिए मिकी माउस बाउंसी, मूवी शो और संगीत-गायन गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे बच्चों के चेहरे खिले रहे।
पूरे कार्यक्रम का कुशल समन्वय और मंच संचालन डॉ. ध्रुवेंद्र पांडे द्वारा किया गया। शिविर की संपूर्ण चिकित्सकीय व लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं डॉ. देवेंद्र नरगावे, डॉ. महेश तलेले, डॉ. सारिका बघेल, डॉ. प्रतिभा बाई, डॉ. आंचल, डॉ. निशा अखाड़े, श्रीमती मानसी मिश्रा, डॉ. आर. सी. डामोर एवं फिजियोथैरेपिस्ट गायत्री राठौड, श्वेता गिरी पूजा भाटी, वसुंधरा सिंह, डॉ. जितेंद्र जायसवाल की टीम द्वारा सुचारू रूप से संपन्न कराई गईं। नेशनल मेडिकोज़ ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) की तरफ़ से 20 से अधिक एमबीबीएस छात्रों में शिविर में सहयोग प्रदान किया। यह शिविर मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज के सभी सदस्यों के समन्वयन एवम सहयोग से पूर्ण हो सका हैं ।
मध्य प्रदेश थैलेसीमिया जन जागरण समिति मार्गदर्शक गोविंद काकानी ने मध्य प्रदेश शासन के लोकप्रिय मंत्री शहर विधायक चैतन्य काश्यप जी द्वारा वर्षों से की जा रही दिव्यांग प्रमाण पत्र, रेलवे व बस पास संबंधित सुविधा, समय-समय पर उनके अकाउंट में आर्थिक सहायता भेज कर उनका मनोबल बढ़ाया| उनके मार्गदर्शन में सतत बच्चों के लिए आवश्यकता अनुसार कार्य किए जा रहे हैं|
“हमारा उद्देश्य थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को केवल चिकित्सा सुविधा देना ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों को यह विश्वास दिलाना है कि वे इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं। 9 जिलों से आए परिवारों का विश्वास हमारी पूरी टीम की सफलता है।” – डॉ अनीता मूथा, अधिष्ठाता एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी