
रतलाम । कोरोना मरीजों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से रतलाम के एफएसीटी ग्रुप ने एक सार्थक पहल की है । इसके अन्तर्गत मरीजों को नि:शुल्क एफएसीटी कीट की जा रही है । इस किट के उपयोग से अभी तक काफी उत्साहजनक नतीजे प्राप्त हुए है और उपयोग करने वाले अधिकांस मरीजो कोरोना से ठीक हो कर सामान्य जीवन ीजी रहे है ।
यह एफएसीटी किट उन लोगों के लिए भी कारगर साबित हुई है जिनका एचआरटी-सीटी स्कोर दो से १९ या आक्सीजन का स्तर ८० से नीचे तक चला गया था । यह किट रतलाम कलेक्टर की अनुमति से आयुष विभाग के निर्देशों व शासन के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वितरित की जा रही है । किट व आयुर्वेदिक शास्त्रों में वर्णित जीवन रक्षक औषधियों को दिया जा रहा है।
यह किट अभी जिला चिकित्सालय के फीवर क्लीनिकि व मुकुंद डायग्नोसिस सेंटर के बाहर वितरित की जा रही है । जल्द ही शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में भी वितरित की जाएगी । ग्रुप केे संस्थापक सदस्य दीपक खिमेसरा व अमित पिरोदिया ने कहा कि अभी इस आपदा के समय चूंकि संसाधन कम पड़ रहे है और समय पर उचित इलाज न मिल पाने के कारण कई लोगों की जान आ रही है । हास्पिटल में जगह , रेमडेसिविर, आक्सीजन, डॉक्टर हर चीज की कमी है और मरीज ज्यादा है । अगर मरीज को वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति से शुरूआत में ठीक किया जाए तो मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इस कीट की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे एलोपैथिक इलाज के साथ ही लिया जा सकता है और कोई नुकसान भी नहीं है । सिर्फ गर्भवती महिला और स्वस्थ व्यक्ति को यह उपयोग नहीं करना चाहिए। कई लोगों ने लक्षण आने पर कोरोना की जांच करवाने के पहले ही किट का उपयोग चालू कर दिया और जब तक रिपोर्ट आी । तब तक वो व्यक्ति लगभग स्वस्थ हो गए ।