नए स्वरूप में पुन: प्रारंभ होगा हरियाली अमावस्या का पारंपरिक मेला

त्रिपोलिया गेट से अमृत सागर तालाब की पाल एवं गढ़ कैलाश मंदिर क्षेत्र में होगा आयोजन

रतलाम। हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर रतलाम में वर्षों पुरानी मेले की परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए इस वर्ष से हरियाली अमावस्या का पारंपरिक मेला पुन: नए स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। यह एक  दिवसीय मेला त्रिपोलिया गेट से अमृत सागर तालाब की पाल एवं गढ़ कैलाश मंदिर क्षेत्र में आयोजित होगा।
12 अगस्त 2026 को हरियाली अमावस्या के अवसर पर सायं 4 बजे के पश्चात प्रारंभ होने वाले इस मेले में श्रावण की रिमझिम फुहारों के बीच,धार्मिक आस्था के साथ मनोरंजन एवं पारंपरिक गतिविधियों का समावेश रहेगा। मेले में विशेष रूप से महिलाओं एवं बच्चों के लिए मनोरंजन के साधन, खेलकूद, खरीदारी एवं खान-पान आदि की व्यवस्थाएं रहेंगी। श्रद्धालुओं को क्षेत्र के मंदिरों एवं देवालयों में पूजा-अर्चना एवं दर्शन का अवसर भी प्राप्त होगा।

रियासतकाल से चली आ रही है मेले की परंपरा
उल्लेखनीय है कि हरियाली अमावस्या के अवसर पर रियासतकाल से ही त्रिपोलिया गेट एवं अमृत सागर तालाब की पाल क्षेत्र में प्रतिवर्ष महिलाओं के मेले का आयोजन होता आया है। यह मेला शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, लेकिन समय के साथ यह परंपरा लगभग विलुप्ति के कगार पर पहुंच गई थी।
उक्त जानकारी देते हुए अध्यक्ष अनिल झालानी ने बताया कि विगत दिवस श्री सनातन धर्म सभा एवं महारुद्र यज्ञ समिति, रतलाम द्वारा इस पारंपरिक मेले को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद इस वर्ष से पुन: मेले के आयोजन के प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। सभा का उद्देश्य इस प्राचीन परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ते हुए आने वाले वर्षों में इसे और अधिक भव्य एवं व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करना है।

प्रशासन एवं नागरिकों से सहयोग का आह्वान
श्री सनातन धर्म सभा द्वारा नगर निगम महापौर एवं परिषद, क्षेत्र के पार्षदों, जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन से मेले के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया है।
संस्था के पदाधिकारी सर्वश्री डॉ. राजेंद्र शर्मा, नवनीत सोनी, तारा बहन सोनी, रजनी व्यास, राखी व्यास पुष्पेन्द्र जोशी, राजेश दवे आदि ने रतलाम शहर के नागरिकों, विशेषकर महिलाओं एवं परिवारों से इस धार्मिक एवं पारंपरिक मेले में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। श्री सनातन धर्म सभा ने विश्वास व्यक्त किया कि नागरिकों एवं प्रशासन के सहयोग से यह प्राचीन परंपरा पुन: जीवंत होगी तथा आगामी वर्षों में हरियाली अमावस्या के मेले को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

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