जो इंसान लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर परमार्थ के कार्यों में आगे बढ़ता रहता है वही महान तपस्वी है – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

मेहसाना (सिमंधर स्वामी जैन मंदिर 14 मई 2021) । अपने स्वार्थ और अहंकार को चोट लगने पर भी उत्साह उमंग से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर परमार्थ के कार्यों में आगे बढ़ता रहता है वही महान तपस्वी है उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने सीमंधर जैन मंदिर में अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव को संबोधित करते कहा कि होने वाले अपमान को अभिनंदन के रूप में मान लेता है उसका निरंतर विकास होता है ।
उन्होंने कहा कि कब करना सरल है लेकिन अपमान के घूंट को पीकर मुस्कुराते रहना सभी धर्मों की साधना का सार है ।
राष्ट्रसंत कमलेश ने कहा कि इच्छाएं आकाश के समान अनंत है इच्छा के मकड़ी जाल में जीवन का अंत हो जाता है लेकिन वह पूरी नहीं होती इच्छा का निरोध करने वाला ही सच्चा तपस्वी है ।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि भूख से कम भोजन करने वाला महान तपस्वी है विश्व में भूख से मरने वालों की संख्या कम है और ज्यादा खाना खाकर मरने वालों की संख्या ज्यादा है
राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने बताया कि स्वाद के वशीभूत किया हुआ अमृत जैसा भोजन भी जहर हो जाता है । स्वाद के लिए नहीं स्वास्थ्य के लिए भोजन करें वह दवाई का काम करेगा अमृत का काम करेगा ।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के दीपक सांखला द्वारा मेहसाणा में राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश, तपस्वी घनश्याम मुनि, कौशल मुनि तीनों के एकासना वर्षीतप एवं तपस्वी गौतम मुनि के 33 वें उपवास और तपस्वी अरिहंत मुनि के बारवा उपवास के वर्षी तप महोत्सव पर मूर्तिपूजक गुरुदेव एवं महासती एवं श्रमण संघ की महासती प्रमिला जी सहित 20 और 25 के करीब संत सती का सानिध्य मिला ट्रस्ट एवं उप संघ के पदाधिकारी महिला मंडल सहित 25 कार्यकर्ताओं ने पारणा का लाभ लिया । वहीं अक्षत मुनि जी ने मंगलाचरण किया तथा 5 साधु-साध्वी की तपस्या का सुनकर संग में अपार उत्साह का संचार हुआ ।

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