स्वयं को समझना आवश्यक है यह सबसे कठिन काम है – महासंत जैन मुनि श्री 108 सुयश सागर गुरुदेव

उत्तम ब्रह्मचर्य के अनंत चौदस के दिन विशाल शोभायात्रा निकलेगी

झुमरीतिलैया (कोडरमा) । जैन धर्म का सर्वोच्च पर्व दसलक्षण पर्यूषण का नवम दिन जैन धर्मावलंबियों ने” उत्तम आकिंचन धर्म” के रूप में मनाया। महासंत जैन मुनि श्री 108 सुयश सागर गुरुदेव ने अपनी पीयूष वाणी मे भक्तजनों को कहा कि किंचित भी मेरा नहीं है दुनिया का कोई भी पदार्थ मेरा नहीं है ऐसा मानना और जानना ही आकिंचन धर्म है जो बाहर भीतर एक हो, वहीं पर आकिंचन धर्म खिलता है जिस धर्म से परमात्मा का रहस्य प्रकट होता है वह आकिंचन धर्म है दुनिया में स्वस्थ वही है जो निर्विकल्प है निराकुल है, अर्थी सजने के पहले जीवन के अर्थ को समझना जरूरी है नहीं तो अनर्थ हो जाता है, मैं और मेरे पन का भाव दुख और वेदना का कारण है, गुरुदेव ने कहा कि सामान सौ बरस का है पल भर की खबर नहीं है इसलिए जीवन के सार को समझना आवश्यक है । जीवन से ममत्त्व और विकल्पों का त्याग ही आकिंचन धर्म है । संसार क्षणभंगुर है यहां सिर्फ दुख है जो हमने जोड़ा है सब छूट जाएगा मनुष्य खाली हाथ आया है और खाली हाथ जाएगा इसलिए स्वयं को समझना आवश्यक है यह सबसे कठिन काम है स्वयं को समझने की दशा ही आकिंचन धर्म है।
प्रातःजैन संत गुरुदेव मुनि श्री 108 सुयश सागर जी मुनीराज के मुखारविंद से नया मंदिर जी में महा शांति धारा का पाठ किया गया ।बड़ा मंदिर में भगवान पारसनाथ की प्रथम कलश एवं शांति धारा का सौभाग्य विनोद ललित संजय बबीता आयुष,विधी जैन गंगवाल परिवार को मिला श्रीजी का बिहार कराकर पनडु्कशीला पर भगवान अनंतनाथ का प्रथम कलश एवं शांति धारा का सौभाग्य सुशील शुभम जैन ठोलिया परिवार को मिला पंडाल परिसर में भगवान महावीर स्वामी का श्री बिहार एवं प्रथम अभिषेक शांति धारा का सौभाग्य विजय विवेक जैन छाबड़ा एवं अमरेश विनीत जैन गंगवाल परिवार को मिला पंडाल परिसर में भगवान महावीर स्वामी की महा शांति धारा का सौभाग्य अनूप शैलेश दीपक सार्थक जैन सेठी परिवार एवं विजय विवेक जैन छाबड़ा परिवार को मिला ।
नया मंदिर में भगवान की शांति धारा का सौभाग्य कैलाश चंद्र सुशीला जैन काला परिवार विजयनगर एवं मुकेश किरण अविचल जैन सेठी परिवार को मिला नया मंदिर मे विनय जैन छाबड़ा अनु जैन अजमेरा मुकेश जैन गोधा परिवार को मिला 10 लक्षण महापर्व पर 43 महिला पुरुष ने 10 दिनों का निर्जल व्रत धारण किया और 16 कारण का व्रत किया सभी वृत्तियों को पूज्य गुरुदेव मुनि श्री सुयश सागर एवं मुनि श्री कौशल्य सागर का आशीर्वाद मिल रहा है उनके पुण्य का समाज के सभी पदाधिकारी विरागोदय चातुर्मास कमेटी के सभी संयोजक सहसंयोजक शिविर संयोजक वार्ड पार्षद पिंकी जैन मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन अजमेरा,नवीन जैन ने अच्छी तरह से पारणा के लिए अनुमोदना की।
कल शुक्रवार उत्तम ब्रह्मचर्य केअनंत चौदस के दिन विशाल शोभायात्रा निकलेगी जिसमें पूज्य जैन संत मुनि सुयश सागर जी ओर मुनि कौशल्य सागर जी का भी सानिध्य रहेगा रथ यात्रा निकलेगी । जिसमें भगवान को विराजमान करके नगर भ्रमण कराया जाएगा 11 घोड़ा बग्गी में 43 दसलक्षण व्रत धारी एवं 16 कारण व्रत धारी को बिठाकर नगर भ्रमण एवं नया मंदिर ले जाया जाएगा बिरागोदय संस्कार शिविर में बैठने वाले अभ्यर्थी समाज के प्रत्येक महिला पुरुष बच्चे इस शोभायात्रा में शामिल होंगे।

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