इंदौर दलालबाग में मातृशक्ति का महासंगम – 105 महिला संगठनों की हजारों महिलाओं ने जगत पूज्य श्री सुधासागर जी महाराज के सानिध्य में निकाली ऐतिहासिक शोभायात्रा

इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । आज इंदौर के दलालबाग में महिला अधिवेशन का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन हुआ,।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि पुरे प्रदेश भर से आए 105 महिला संगठनों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने जगत पूज्य निर्यापक तीर्थ चक्रवर्ती मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज संसघ के पावन सानिध्य में गुरु आशीर्वाद प्राप्त कर शोभायात्रा निकाली। महिला परिषद् की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन ने कहा कि यह दृश्य केवल महिला अधिवेशन का नहीं, बल्कि गुरु संस्कारों से निर्मित सामाजिक शक्ति का जीवंत स्वरूप था।
सचमुच, मातृशक्ति का सामर्थ्य अद्भुत है। समाज सुधार हो, सेवा-सहयोग हो, संस्कारों का संरक्षण हो या सामाजिक दायित्वों का निर्वहन – महिलाएँ जिस आत्मविश्वास, संयम, समर्पण और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही हैं, उसे देखकर लगता है कि समाज की उन्नति का बहुत बड़ा आधार यही शक्ति है। ये केवल घर सँभालने वाली नहीं, समाज को सँवारने वाली सशक्त हस्ताक्षर हैं।
यह जगत पूज्य के श्रीमुख से प्राप्त संस्कारों की ही परिणति है कि महिलाएँ सेवा कार्यों को किसी एक आयोजन तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि पूरे वर्ष निरंतर सक्रिय रहकर समाजहित के कार्यों को विशेष स्वरूप प्रदान करती हैं। गुरु के उपदेश इनके लिए केवल सुनने की वस्तु नहीं, जीवन में उतारने का संकल्प बन जाते हैं। महिला सम्मेलन की शिरोमणि संरक्षिका
श्रीमती आशारानी जी पांड्या को अपना आदर्श मानकर समाजसेवा के पथ पर समर्पित महिला शक्ति ,शीला डोडिया ,डिम्पल जी गदिया सपना गोधा निर्मला जी जैन सरला जी सामरिया साधना दगडे सहित अनेक बहनों में इतना आत्मबल, इतना संयम, इतनी लगन और सेवा के प्रति ऊर्जा का स्रोत निश्चित ही गुरुदेव के उपदेशों से मिलने वाली प्रेरणा है। सम्मेलन की सुत्रधार *सुशीला जी पाटनी से प्रेरणा एवं निर्देश लेकर *सपना जी गोधा, शिवानी जी गोधा अंतिका जी गोधा रानी जी ढोशी साधना जी दगडे संगीता जी कासलीवाल दीपिका जी कोयला सची बड़जात्या सोनाली बागडिया आदि के सराहनीय प्रयासों से यह असम्भव भी सम्भव हुआ। इस शौभायात्रा में माननीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मनीष गोधा आनंद नवीन गोधा हर्ष जैन धर्मेन्द्र सिनकेम राहुल सेठी संजय पाटोदी अक्षय कासलीवाल राहुल जैन स्पोर्ट्स आदि समाज श्रेष्ठी भी शौभायात्रा में शामिल रहे।
दद्दू ने कहा कि जब महिलाएं संस्कारों को अपना आभूषण, सेवा को अपना धर्म और समाज के उत्थान को अपना दायित्व बना लेती हैं, तब परिवर्तन केवल दिखाई नहीं देता, आने वाली पीढ़ियों की नींव भी मजबूत होती है। शत-शत नमन वंदन है गुरुश्रेष्ठ के चरणों में, जिनकी प्रेरणा से समाजसेवा के ऐसे सुंदर अध्याय लिखे जा रहे हैं। अनेक रिकॉर्ड बन रहें हैं।

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