ललित गांधी को किया आश्वासित

फोटो कॅप्शन: मध्यप्रदेशचे मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव को जैन निगम संबंधि ज्ञापन देते हुए ललित गांधी ! साथ में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर एवं अन्य मान्यवर ।
भोपाल। मध्य प्रदेश जैन धर्म एवं जैन समाज की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण राज्य है। यहां भगवान महावीर की परंपरा से तथा उससे भी प्राचीन जैन विरासत, ऐतिहासिक तीर्थस्थल एवं धार्मिक धरोहरें विद्यमान हैं। प्रदेश के सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक विकास में जैन समाज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में जैन समाज के सर्वांगीण विकास के लिए स्वतंत्र जैन निगम की स्थापना के प्रस्ताव पर मध्य प्रदेश सरकार सकारात्मक है, ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखिल भारतीय जैन अल्पसंख्यक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित गांधी को दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित गांधी एवं प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा परिसर में आयोजित क्षमावाणी समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की तथा विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान ललित गांधी ने मध्य प्रदेश में स्वतंत्र जैन निगम की स्थापना की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से रखते हुए कहा कि निगम के माध्यम से जैन समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिक विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा सकता है।
ललित गांधी ने अपने प्रस्ताव में विशेष रूप से जैन विद्यार्थियों के लिए छात्रावास एवं शैक्षणिक सहायता, युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी योजनाएं, जैन युवाओं एवं महिलाओं के लिए उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु वित्तीय सहायता, तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने मध्य प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत के संरक्षण एवं विकास का विषय भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। भोपावर तीर्थ, मोहनखेड़ा, सोनागिरि, कुण्डलपुर, पापौराजी, नैनागिरि, बावनगजा तथा खजुराहो के प्राचीन जैन मंदिरों सहित प्रदेश के प्रमुख जैन तीर्थों के विकास, वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तथा जैन तीर्थ पर्यटन को प्रोत्साहन देने पर भी चर्चा हुई।
ललित गांधी ने कहा कि प्राचीन जैन मंदिरों, तीर्थक्षेत्रों, शिलालेखों, हस्तलिखित ग्रंथों एवं अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए विशेष योजना बनाई जानी चाहिए। साथ ही जैन समाज के युवाओं को शिक्षा, व्यवसाय एवं स्वरोजगार के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए निगम को प्रभावी माध्यम बनाया जा सकता है।
उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्थापित जैन अल्पसंख्यक विकास वित्तीय निगम (JMDFC) के मॉडल की जानकारी देते हुए कहा कि इसी प्रकार की संस्था मध्य प्रदेश में भी जैन समाज के विकास के लिए प्रभावी भूमिका निभा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ललित गांधी द्वारा रखे गए विभिन्न विषयों को गंभीरता से सुना तथा स्वतंत्र जैन निगम की स्थापना के प्रस्ताव पर मध्य प्रदेश सरकार की सकारात्मक सोच एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कश्यप, अखिल भारतीय जैन अल्पसंख्यक महासंघ के राष्ट्रीय सहमंत्री सौरभ भंडारी, संदीप जैन, राहुल कोठारी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।