सारा संघ तप से गौरान्वित हो गया -श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री प्रकाश मुनिजी मसा



रतलाम,08 अक्टूबर। मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य, रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा निर्भय के भाग्य से सौभाग्य की और चातुर्मास में पिता-पुत्र ने एक साथ मासक्षमण कर इतिहास रचा। उनके साहित तीन तपस्वियों को मासक्षमण पूर्ण होने पर श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट चातुर्मास समिति ने धर्मसभा में अभिनंदन किया।
मोहन टाकीज स्थित श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में आयोजित धर्मसभा के दौरान मासक्षमण तपस्वी पिता सुनील गांधी और उनक पुत्र केतन गांधी का बहुमान किया गया। चातुर्मास समिति की और से पारसमल वोरा, मुकेश चौरडिया, भंवरलाल पुंगलिया, रंगलाल चौरडिया , मूलचंद चोपडा, प्रकाश मूणत आदि ने शाल, माला और अभिनंदन पत्र भेंट किया। इसके बाद मासक्षमण तपस्वी माला-सुरेशचंद्र जैन का तपस्वियो द्वारा बहुमान किया गया। इन तपस्याओं के बाद रतलाम चातुर्मास में अब तक 25 के करीब मासक्षमण के दीर्घ तप और अन्य कई तपस्याएं हो चुकी है। प्रवर्तकश्री की प्रेरणा से तपस्या का क्रम अब भी जारी है।
गुरूवार को प्रवर्तकश्री ने कहा कि रतलाम में तपस्याओं का सुंदर नजारा दिख रहा है। सारा संघ इन तप आराधनाओं से गौरान्वित हो रहा है। समाजजन तप अनुमोदना में शामिल होकर आनंदित हो रहे है। जिनशासन वीरों का पथ है, जिसपर चलने से वीरता और आत्मबल प्रकट होता है। तपस्वियों की आत्म शक्ति कितनी मजबूत और मनोबल दृढ है, ये छोटी सी उम्र मंे इतना लंबा तप करने वालों ने बताया है। उन्होंने कहा कि गुरू के प्रति समर्पित रहने वाला कभी हारता नहीं है। गुरू के आशीर्वाद से हर कार्य सरल और सहज हो जाते है। रतलाम में गुरू भक्ति और तप आराधना दोनो के प्रति सबका लगाव है, जिससे बडी-बडी तपस्याएं लगातार हो रही है। श्रावक-श्राविकाएं तप करके अपनी आत्मा को जागृत बनाएंगे, तो चातुर्मास सफल हो जाएगा।
धर्मसभा को आरंभ में प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ने संबोधित किया। धर्मसभा का संचालन रखब चत्तर ने किया। इस दौरान सेवाभावी श्री दर्शनमुनिजी मसा, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8, महासती श्री चंदनबालाजी मसा, महासती श्री कल्पनाजी मसा मंचासीन रहे। धर्मसभा में श्री धर्मदास जैन श्री संघ के सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल के सदस्यगण उपस्थित रहे।