सुप्रीम कोर्ट से PETA को करारा झटका, माधुरी हाथी के मामले में 25,000 रुपये का जुर्माना, माधुरी नंदनी मठ में ही रहेगी

कोल्हापुर / नई दिल्ली, 09 अक्टूबर (राजेश जैन दद्दू) । जैन धर्म की अहिंसा, जीवदया और जनभावना की बड़ी जीत हुई है। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ यह सूचित करते हुए अत्यंत हर्ष का अनुभव कर रहा है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कोल्हापुर की हथिनी माधुरी उर्फ महादेवी को पुनः वनतारा (जामनगर) वापस भेजने की PETA इंडिया की याचिका को सिरे से नामंजूर कर दिया है। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि माननीय न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने PETA की याचिका खारिज करते हुए संगठन पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है और आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि का उपयोग माधुरी के इलाज के लिए किया जाए।
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के राकेश गोहिल,मंयक जैन आदि पदाधिकारियों ने बताया कि नंदनी मठ के वकील श्री मनोज पाटिल जी ने पुष्टि की है कि इस फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि माधुरी नंदनी मठ में ही रहेगी।दद्दू ने बताया कि PETA ने आरोप लगाया था कि मठ में वापस आने के बाद माधुरी को जंजीरों में बांधकर रखा जा रहा है और उसे वापस वनतारा भेजा जाए। जबकि हाई पावर कमेटी ने 9 सितंबर 2026 को नांदणी मठ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर माधुरी की वापसी को उचित माना था। वरिष्ठ समाज सेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि माधुरी 1992 से, यानी पिछले 32 वर्षों से नंदनी स्थित स्वस्तिश्री जिनसेन भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामी संस्थान मठ में धार्मिक परंपरा का हिस्सा रही है। यह फैसला केवल एक हाथी की घर वापसी नहीं, बल्कि समस्त जैन समाज की एकता और अहिंसा परमो धर्म की जीत है।
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस न्यायसंगत फैसले का स्वागत करता है और केंद्र व राज्य सरकार का आभार व्यक्त करता है।

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