

मंदसौर ( जैन दिवाकर प्रवचन हाल जीवा गंज 14 जुलाई 2022 )। अज्ञान दिशा में की गई आराधना कर्म बंधन का कारण और स्वपर के लिए अभिशाप भी बन सकती है । उक्त विचार राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि अज्ञानता सभी अनर्थ की खान है हानि- लाभ अच्छा बुरा के परिणाम से अनजान होता है।
उन्होंने कहा कि अनंत जन्मों के अज्ञान का अंधकार ज्ञान के प्रकाश से एक पल में समाप्त हो जाता है एक शब्द ज्ञान का दान तीन लोक की संपत्ति के दान से बढ़कर है ।
मुनि कमलेश ने बताया कि ज्ञान अनमोल धन है चोर चुरा नहीं सकता परिवारबाटा नहीं सकता आग जला नहीं सकती अगले जनम आत्मा के साथ ज्ञान ही जाता है ।
राष्ट्रसंत ने बताया कि ज्ञान ही जीवन का सच्चा साथी है जो हर पल सन्मार्ग प्रदान करता है ज्ञान ही परमात्मा का दूसरा रूप है ।
जैन संत ने बताया कि आत्मा का बोध ही सच्चा ज्ञान है कर्मों से मुक्ति दिलाने में सहयोग बनता है सम्यक ज्ञान हमारा तीसरा दिव्य नेत्र है तपस्वी घनश्याम मुनि जी के आज पांचवा उपवास है गौतम मुनि जी के तीसरा उपवास है । आज के नवकार मंत्र का जाप मधुबाला जवाहरजैन की ओर से रखा गया । अनिल संचेती अजीत खटोड़ सुनील मारु आशीष जैन शशि मारू सीमा नाहर नीता जैन डिंपल जैन ने प्रतियोगिता में भाग लेने वालों को सम्मानित किया । महामंत्री विजय खटोड़ ने सभा का संचालन किया ।