सुख दोगे तो सुख,नही तो जीवन मे दुखः मिलेगा – प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज

खवासपुरा (श्री वर्धमान स्थानक वासी जैन श्रावक संघ – सुनिल चपलोत)! 16 जुलाई खवासपुरा सुख देने पर सुख दुख देने पर दुख भोगना पड़ेगा शनिवार को संत शिरोमणी प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज ने चातुर्मास मे आयोजित धर्म सभा मे विचार व्यक्त करतें हुयें कहां दुखः देकर परमात्मा से सुख की उम्मीद नही करे! जैसा करोगे वैसा ही जीवन मे फल पाओगे मानव राग देवेष और माया के चक्कर मे अपना ही विनाश कर रहा है परमात्मा की वाणी का जीवन मे समावेश होने पर ही जीवन मे सुख की प्राप्ति हो पाएगी ! महेश मुनि नानेश मुनि ने भजन के माध्यम से भाव रखे ! हितेश मुनि ने सुपाक विपाक सूत्र का वाचन करते हुये कहां कि भगवान का नाम जीवन मे नही लिया तो प्राणी अपनी आत्मा का उध्दार नही कर पायेगा!धर्मसभा का संचालन करते हुये एम अशोक कोठारी ने बताया कि जैतारण के मरूधर केसरी पावन धाम के अध्यक्ष हुक्मीचन्द झामड़ राष्ट्रीय जैन कॉन्फ्रेंस के पूर्व अध्यक्ष नेमीचन्द चौपड़ा,अनिल चत्तर,पाली संघ के महामंत्री पदमचन्द ललवाणी,उदयपुर श्री संघ के अध्यक्ष कांतिलाल जैन नाडोल रूपचन्द धर्मशाला के नथमल गांधी, हितेश चौहन छगन मेवाड़ा, जगदीश राजपुरोहित,जंवरीलाल कांकरिया आदि अतिथियों के साथ नौ उपवास की तपस्या करने वाले उदयपुर निवासी सुरेश मोदी का खवासपुरा श्री संघ के अध्यक्ष प्रसन्न चन्द कोठारी,जे विजयराज कोठारी, अजितराज कोठारी,अमर चन्द सुराणा,बी महावीर चन्द कोठारी, सुरेश कोठारी आदि पदाधिकारियों ने गुरूभगंवतो को सानिध्य मे तपस्वी और अतिथियों का शोल माला पगड़ी पहनाकर स्वागत अभिनन्दन किया गया !

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