निडर निर्भीक और क्रांतिकारी व्यक्ति ही अहिंसा का पालन कर सकता है – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

मंदसौर जीवा गंज 19 जुलाई 2022 । अहिंसा को कोई डरपोक कायर अथवा बुजदिल के नाम से पुकारता है वह नादान अहिंसा के सच्चे अर्थों से अनभिज्ञ है अज्ञानी है । उक्त विचार राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि निडर निर्भीक और क्रांतिकारी व्यक्ति ही अहिंसा का पालन कर सकता है
उन्होंने कहा कि होती हुई हिंसा को देखकर जो हाथ पर हाथ देकर मूकदर्शक बनकर कर्मों की अहिंसा की दुहाई देता है वह अहिंसा को कलंकित और बदनाम कर रहा है।
मुनि कमलेश ने बताया कि अपने प्राणों की परवाह न करते हुए कफन का टुकड़ा सिर पर बांधकर हिंसा को रोकने के लिए अपने प्राणोंको न्योछावर कर देता वही सच्चा अहिंसा वादी कहलाने का अधिकारी है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि जुल्म करना हिंसा है तो जुल्म को सहना भी महा हिंसा है हिंसा अनीति और जुल्म का प्रतिकार करना सच्ची अहिंसा है।
जैन संत ने कहा कि आक्रमक कार्यवाहीहिंसा है और रक्षात्मक कार्रवाई अहिंसा है उसके लिए कितना भी कठोर से कठोर कदम उठाना पड़े अहिंसा की परिधि में आता है कायर व्यक्ति अहिंसा का पालन नहीं कर सकता।
अंत में कहा कि अहिंसा की महाशक्ति ही विश्व को विनाश से बचाने की क्षमता रखती है धर्म जाति और देश की रक्षाके लिए आन बान शान के लिए निर्दोष को बचाने के लिए उठाया गया कठोर से कठोर कदम उठाने के लिए अहिंसा वादी आध्यात्मिक अहिंसक सैनिक के रूप में काम करता है श्री जैन दिवाकर गुरु प्रताप गौशाला कमल तीर्थ के लिए माल कोट जिला राजसमंद निवासी भगवती लाल जी टाक ने अपने 50 लाख का प्लाट गौ सेवा हेतु समर्पित कर दिया।
तपस्वी घनश्याम मुनि जी के 10 वा और गौतम मुनि जी के आठवां उपवास है कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया गौतम मुनि ने विचार व्यक्त किए राजस्थान मध्यप्रदेश गुजरात महाराष्ट्र देश के कोने कोने से गुरु भक्तों का आवागमन जारी है।

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