

मंदसौर (जीवा गंज 22 अगस्त 2022)। नेतृत्व जितना जुझारू और ऊर्जावान होगा लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर आगे बढ़ेगा सफलता उसके चरण चूमेगी । उक्त विचार राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल मैं संबोधित करते कहा कि सामान्य व्यक्ति लापरवाही करता है तो अपना ही नुकसान करता है लेकिन नेतृत्व यदि लापरवाही करता है विलासिता डूब कर मान सम्मान में अटक जाता हैतो उसका खामियाजा उसके पूरे कॉम और देश को भोगना पड़ता है । उन्होंने कहा कि नेतृत्व की की भूख और वर्चस्व की लड़ाई शक्ति समय और पैसा तो बर्बाद होता ही है साथ ही लक्ष्य से व्यवधान पैदा करने का पाप भी कमाते हैं । मुनि कमलेश ने बताया कि एक नेतृत्व नीव के पत्थर की तरह होता है स्वयं मिटकर मिशन को सफल बनाता है दूसरा अमरबेल जैसा होता है खुद बनने के लिए सब को मिटा देता है हम अमरबेल की भांति नहीं नींव के पत्थर की तरह अपने को प्रस्तुत करें । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि अपने मानअपमान की परवाह न करते हुए लक्ष्य को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए सर्वस्व न्योछावर कर देता है वह धरती पर चलता फिरता देवता के समान है । जैन संत ने बताया कि पुराने अनुभवी लोगों को अपने हाथ के नीचे युवा पीढ़ी को तैयार कर उनका नेतृत्व करें पद और सत्ता का मोह क्या करेंगे तभी संभव है । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली ने 18 राज्यों में सभी धर्म जाति संप्रदाय के लोगों में समन्वय स्थापित करके शासन प्रशासन की योजनाओं का लाभ जनता को कैसे मिले इस काम को कर रहा है इस हेतु समर्पित है 3सितंबर को दिल्ली पंजाब हरियाणा जम्मू कश्मीर 51 सदस्य प्रतिनिधि मंडल दिवाकर मंच का मंदसौर में मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु उपस्थित हो रहा है जिन्होंने अनेकों कीर्तिमान स्थापित किए हैं देश में आईपीएस आईएएस विधायक मंत्री सीए प्रबुद्ध जीवी भी शामिल है।