- रोटरी क्लब द्वारा रचनाकार आशीष दशोत्तर का अभिनंदन किया गया
रतलाम। किसी रचनाकार का सम्मान उस समस्त रचनाशीलता का सम्मान होता है जिसके बीच रहकर वह कुछ सीखता है और निरंतर सीखने की कोशिश करता है। कोई भी लेखक कभी परिपूर्ण नहीं होता और सदैव एक विद्यार्थी की तरह हर पल कुछ नया लिखने, पढऩे और सोचने की कोशिश करता है। इसी सफर में जब अपनों का स्नेह और साथ मिलता है तो रचनाकार को हौंसला भी मिलता है, हिम्मत भी बढ़ती है और आगे बढऩे की प्रेरणा की मिलती है। उक्त विचार युवा रचनाकार श्री आशीष दशोत्तर ने रोटरी क्लब रतलाम में आयोजित अभिनंदन समारोह में व्यक्त किए।
श्री दशोत्तर को साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश द्वारा शरद जोशी व्यंग्य सम्मान प्रदान किए जाने के उपलक्ष्य में रोटरी क्लब रतलाम द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में अपना वक्तव्य देते हुए श्री दशोत्तर ने कहा कि हर लेखक के सामने उसका परिवेश होता है । यह मेरा सौभाग्य रहा कि रतलाम के रचनात्मक वातावरण और यहां के रचनाकारों ने मुझे संवारने और निखारने में अपनी अहम भूमिका निभाई । उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ करना शेष है और शहर के रचनाशील लोगों का स्नेह सदैव मिलता रहेगा। रोटरी क्लब रतलाम के अध्यक्ष रोटेरियन रवि नाहर ने कहा कि क्लब द्वारा साहित्यिक समारोह के माध्यम से शहर के स्थापित एवं प्रतिभावान साहित्यकारों को सम्मानित करने एवं उनके विचारों को सुनने का यह सिलसिला निरंतर जारी रखा जाएगा। उन्होंने हिंदी भाषा को लेकर देश में एक वातावरण निर्मित करने तथा अपने आयोजनों में हिंदी के महत्व को रेखांकित करने पर जोर दिया ।
रोटेरियन श्री गुस्ताद अंकलेसरिया ने श्री दशोत्तर का परिचय दिया । रोटेरियन श्री अशोक तांतेड़, श्री अंकलेसरिया, श्री रवि नाहर एवं आर. सी.अय्यर ने श्री दशोत्तर का शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन सचिव रोटेरियन आरसी अय्यर ने किया । समारोह में रोटरी सदस्यों सहित शहर के गणमान्य जन उपस्थित थे।