


इंदौर महावीर भवन 22 अक्टूबर 2023 । जप और तप की आध्यात्मिक साधना और आराधना से निर्मित तरंगे का जब शरीर में समावेश होता है तो अद्भुत अलौकिक शक्ति का एहसास होता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनी कमलेश ने नवरात्रि के आठवीं दिन जप महायज्ञ को संबोधित करते कहा कि साधना से इम्युनिटी पावर के माध्यम से रोग प्रतिरोधक का निर्माण होता है रोम रोम में असीम शक्ति का संचार होता है। उन्होंने कहा कि साधना से तामसिक विचारों का अंत और सात्विक विचारों का निर्माण होता है जिससे कर्मों से आत्मा की शुद्धि मन को विकारों से मुक्ति और तन को रोगों से मुक्ति मिलती है। मुनि कमलेश ने बताया कि साधना की तरंगों का प्रभाव इंसान पर ही नहीं पशु पक्षी और प्राणी मात्र के ऊपर सकारात्मक असर आता है विज्ञान ने भी सिद्ध कर दिया है मंत्रों की शक्ति का प्रभाव है। राष्ट्र संत ने कहा कि विकार और वासना परमाणु बम से भी खतरनाक है व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देती है साधना के द्वारा ही इन पर नियंत्रण लाया जा सकता है। विज्ञान सरकार और डॉक्टर के पास इनका कोई इलाज नहीं है। जैन संत ने कहा कि साधना में दिखावा प्रदर्शन आडंबर से दूर होकर सेवा और सहयोग से जोड़ते हुए सात्विकता सदाचार सादगी और पवित्र विचारों का समावेश होना भी जरूरी है तभी पर्वों की सार्थकता है। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री श्री सुधीर जी जैन मैं मुनि कमलेश की राष्ट्रीय कार्यों का उल्लेख किया संघ के महामंत्री रमेश जी भंडारी ने उनका स्वागत किया। दिवाकर मंच शाखा इंदौर के अतुल झामड़ ने बताया कि आज की प्रभावना मंच की वरिष्ठ कार्यकर्ता सुषमा दुग्गड़ की ओर से वितरित की गई तथा अशोक मांडलिक ने संचालन किया।