
जावरा (अभय सुराणा) । किसी भी धर्म का कार्य करने के लिए सबसे पहले समर्पण भाव होना जरूरी होता है। सेवा समन्वय सदभाव इस प्रकल्प को धारित करने वाली संस्था हरण, सिरोहिया व सिसोदिया परिवार का विगत दिनों राजस्थान की देवनगरी सिरोही के क्षेत्रपाल मंदिर के प्रांगण में विराट महाकुम्भ स्नेह मिलन समरोह सम्पन्न हुआ।
ज्ञात रहे लंबे अंतराल 23 साल के पश्चात यह अधिवेशन हुआ। देवनगरी सिरोही एवं प्रवासी हरण परिवार के सदस्यो ने मिलकर यह एक सार्थक कोशिश की और उनकी सार्थकता अति उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ संपूर्ण हुई जिसमें सम्पूर्ण भारत से आए हरण परिवारों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया बड़े-बड़े चढ़ावे बोले और आने वाले समय में भी हर कार्य में सहयोग देने के लिए अपनी सहमति प्रकट की इस प्रवासी सम्मेलन में नरता, जावरा, भीनमाल, कपासन, चितौड़गढ़, भीलवाड़ा, चेन्नई, बेंगलुरु, मुंबई, निंबाहेड़ा, राणापुर, उज्जैन, गंगापुर, पाली मारवाड़, जोधपुर, सूरत आदि अनेक स्थानों से हरण परिवार पधारे। तारक मेहता का उल्टा चश्मा के शैलेष लोढ़ा (हरण परिवार के भानेज) विशेष रूप से उपस्थित थे। सर्व प्रथम क्षेत्रपाल महाराज की आरती के पश्चात मीटिंग में बहुमूल्य चढ़ावे हुए जिसमें सभी ने हिस्सा लिया अगले साल बसंत पंचमी के लिए मंदिर की ध्वजा का चढ़ावा भी हुआ जिसके चढ़ावे का लाभ नरता वालों ने लिया। रात्रि को शानदार भक्ति का कार्यक्रम रखा गया था जिसमें सभी झूम-झूम कर नाचे रात्रि भक्ति एवं आरती के पश्चात लोगों ने विश्राम किया सभी के आवास प्रवास की व्यवस्था विजय पताका में रखी गई थी एवं वाहन की व्यवस्था रखी गई थी ताकि किसी को कोई तकलीफ ना हो दूसरे दिन प्रातः द्वार उद्घाटन के पश्चात कुमकुम के थापे लाभार्थी परिवार के द्वारा मंदिर में हुए। प्रातः नवकारसी के पश्चात भव्य 108 दीपक की महाआरती की गई।