कोटा (सौ. सुनंदा भंसाली)। अखिल भारतीय श्री जैन दिवाकर उपाध्याय श्री मूल मुनि जी महाराज साहब शताब्दी महोत्सव समिति का गठन राजस्थान के कोटा शहर में परम पूज्य उपाध्याय प्रवर मूल मुनि जी महाराज साहब ,युवा प्रेरक परम पूज्य राकेश मुनि जी महाराज साहब आदि थाना के आशीर्वाद से ,श्री जैन दिवाकर तीर्थ वल्लभभाई तथा भ जैन दिवाकर अहिंसा सेवा संघ के संयुक्त तत्वधान में किया गया । संपूर्ण भारत देश से गुरु भक्तों को कार्यकारिणी में शामिल कर पूर्ण वर्ष भर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय समिति द्वारा लिया गया । इस वर्ष परम पूज्य उपाध्याय प्रवर मूल मुनि जी महाराज साहब अपने उम्र के 100 वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। यह अपने आप में एक अजूबा है। एक संयमी आत्मा जिनका 82 संयम वर्ष चल रहा है और वह अपने उम्र के 100 वर्ष पूर्ण कर इस भूतल पर हमारे बीच विराजमान है । यह बहुत बड़ा आश्चर्य है सिर्फ श्रमण संघ में नहीं अपितु चारों संप्रदायों में सबसे वरिष्ठ संत, सबसे वरिष्ठ उपाध्याय और सबसे अधिक दीक्षा ( संयम )पर्याय वाले संत उपाध्याय परम पूज्य मुनि जी महाराज साहब है । ऐसे महान संत का इस दीर्घ उम्र में हमारे बीच में होना यह भगवान के हमारे साथ होने के बराबर है । इसीलिए सब भक्तों ने मिलकर निर्णय लिया है कि गुरुदेव के इस शताब्दी वर्ष को हम संपूर्ण भारतवर्ष में मानव सेवा, तप, संयम, जप, ज्ञान सेवा, साधर्मिक सेवा आदि के माध्यम से मनाएंगे। श्री जैन दिवाकर भगवान अहिंसा सेवा संघ के सभी कार्यकर्ताओं ने इस कार्य में बढ़-चढ़कर अपना सहयोग दिया । सेवा संघ की वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्षा सुश्राविका सौ रुचिरा जी सुराना मुंबई को शताब्दी महोत्सव के अध्यक्ष पद को स्वीकारने का आवेदन किया गया । इसके साथ राजस्थान भीलवाड़ा की सुश्राविका सौ लाडजी मेहता को कार्याध्यक्ष और मध्यप्रदेश, मंदसौर की सुश्राविका सौ शशिजी मारू को महामंत्री पर आसीन किया गया। ।संपूर्ण भारत वर्ष से सभी को खूब बधाई की बौछार हो रही है । कार्यक्रम में इंदौर, निंबाहेड़ा, कोटा , डूंगला , किशनगढ़, सवाई माधवपूर, चित्तौड़, मंदसौर, भीलवाड़ा, मु बई आदि जगह से अनेको श्रावक श्राविकाए भक्तगन उपस्थित थे।