“पर्यावरण रक्षा हर नागरिक का संकल्प बने” – सुशील कोचट्टा


जावरा ( नि.प्र.)। पर्यावरण संरक्षण और बढ़ती गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद जावरा, श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ सेवा समिति एवं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के संयुक्त तत्वाधान में भावना स्टूडियो, आजाद चौक पर आयोजित कपड़े की थैलियां एवं टोपियों के वितरण का सेवा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान राह चलते सैकड़ों नागरिकों को निःशुल्क कपड़े की थैलियां “थैली मेरी सहेली” एवं धूप से बचाव हेतु टोपियां (पी-कैप) वितरित की गई।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि बिना किसी औपचारिकता के सीधे आमजन के बीच पहुंचकर सामग्री वितरित की गई, जिससे सहज रूप से जन-जागरूकता का प्रभावी संदेश प्रसारित हुआ। साथ ही नागरिकों को प्लास्टिक के उपयोग से बचने एवं कपड़े की थैली को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका उपाध्यक्ष सुशील कोचट्टा ने कहा कि “पर्यावरण रक्षा हर नागरिक का संकल्प बने”। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत हमें अपने घर से ही करनी होगी। हमारे पूर्वज कपड़े की थैली साथ रखकर बाजार जाते थे, जो एक आदर्श परंपरा थी। यदि प्रत्येक परिवार इस आदत को पुनः अपनाए, तो पर्यावरण संरक्षण स्वतः सशक्त हो जाएगा।
भारत विकास परिषद के अध्यक्ष शेखर नाहर ने कहा कि प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग आज पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने सभी नागरिकों से कपड़े की थैलियों के नियमित उपयोग की अपील की।
श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ सेवा समिति के अध्यक्ष अभय सुराणा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “सेवा, संवेदना और संस्कार से ही सुरक्षित रहेगा पर्यावरण”। उन्होंने कहा कि केवल चर्चा नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाना आवश्यक है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण ने कहा कि “बढ़ती गर्मी से बचाव के साथ जनजागरूकता भी जरूरी”। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के कारण जहां शहरों में कचरा बढ़ रहा है, वहीं गौमाता सहित अन्य पशुओं के स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में कपड़े की थैली का उपयोग एक छोटा किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में तीनों संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन सचिव गोपाल सेठिया एवं डॉ. राजेन्द्र त्रिवेदी ने किया, जबकि आभार कोषाध्यक्ष निलेश जोशी ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर शेखर नाहर, अभय सुराणा, राजकुमार हरण, गोपाल सेठिया, निलेश जोशी, रितु सिसोदिया, डॉ. राजेन्द्र त्रिवेदी, दिनेश सिसोदिया, प्रकाश अरोड़ा, लोकेश पंड्या, श्वेता अरोड़ा, कनकमल चोरड़िया, प्रदीप सेठिया, आशीष सकलेचा, प्रकाश संघवी, संजय सुराणा, प्रतीक लोढ़ा, निलेश दसेड़ा, राकेश चोरड़िया, भावेश हरण, अभिषेक सकलेचा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं तीनों संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अंत में तीनों संस्थाओं के अध्यक्षों ने ऐसे सेवा प्रकल्प भविष्य में भी निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।