जैन साध्वियों की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद भारी आक्रोश

युवक महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौपा ज्ञापन

पिपलौदा। रीवा में विहार के दौरान दो जैन साध्वियों की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद देशभर में जैन समाज मे भारी आक्रोश है जानबूझकर की गई हत्या के विरोध में अखिल भारतीय श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक युवक महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम तहसीलदार देवेंद्र कुमार दानगढ़ को ज्ञापन सौपा गया युवक महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से जैन साधु-साध्वियों के विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, संवेदनशील एवं व्यस्त मार्गों पर पुलिस गश्त एवं निगरानी बढाने, तेज रफ्तार एवं लापरवाह वाहन चालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने, संतजनों के विहार के समय प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सुरक्षा प्रबंध उपलब्ध कराए जाने, जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा हेतु स्थायी एवं प्रभावी नीति बनाने आदि विभिन्न मांग रखी। ज्ञापन का वाचन करते हुए प्रफुल्ल जैन ने बताया कि जैन साध्वी आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका उपशम मति माताजी जिनकी विहार के दौरान जानबूझकर हत्या की गई। जैन साधु-साध्वीजन त्याग, तपस्या, संयम एवं अहिंसा के मार्ग पर चलकर समाज को नैतिक एवं आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हैं। वे पैदल विहार करते हुए धर्म प्रचार एवं जनकल्याण का कार्य करते हैं, अतः उनके विहार के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी है। पूर्व में भी अनेक बार जैन साधु-साध्वियों के साथ इस प्रकार की दुखद घटनाएं घटित हो चुकी हैं, जिससे जैन समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। यह अत्यंत चिंतनीय विषय है कि संतजनों की सुरक्षा को लेकर अभी तक पर्याप्त एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो सकी है। अतः सकल जैन समाज की ओर से यह मांग है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु तत्काल ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं। इस अवसर पर महेश बोहरा, मुकेश मोगरा, समरथमल सुराणा, मानमल नांदेचा, स्वप्निल जैन, अभिषेक जैन, कमल जैन, नवल सिंह, प्रिंस जैन, सक्षम नांदेचा आदि उपस्थित रहे।

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