गुरू जो कहें वह करें, गुरू जो करे वह मत करो- भागवताचार्य शास्त्री जी

रतलाम । पुरूषोत्तम मास के उपलक्ष्य में श्रीमद् भागवत गीता पर्व सप्ताह ट्रस्ट बोर्ड श्री मेढ़ क्षत्रिय मारवाड़ी स्वर्ण समाज रतलाम द्वारा श्री शेष नारायण मंदिर भरावा की कुई पर चल रही सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा  में आज भागवताचार्य पं. योगेश्वर शास्री द्वारा श्रीकृष्ण रूकमणी विवाह का भावपूर्ण चित्रण किया गया । जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आपने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का दिव्य चरित्र रस रूप है क्योंकि परमात्मा की प्रत्येक लीला का रसमय वर्णन किया जाता है। श्रीकृष्ण रूकमणी विवाह में आलोकिक सिद्धांत को प्रतिपादित करने के लिए लोकिक शब्दावली का प्रयोग किया गया । श्रीमद् भागवत में शब्दावली  लोकिक है । सिद्धांत आलोकिक है। ज्ञान और भक्ति का मधुर मिलन ही  उद्धव प्रसंग है विवाह अर्थात मन को एक स्थान पर स्थिर करना विवाह आलोकिक सिद्धांत से माना जाता है।
आज कथा में श्रीकृष्ण – रूकमणी विवाह का प्रतिकात्मक आयोजन किया  गया। जिसमें कुमारी अक्षिता सोनी एवं राधिका सोनी ने श्रीकृष्ण रूकमणी की भूमिका निभाई तथा विवाह पूर्ण विधि विधान पूर्वक, बारात, तोरण, जयमाला, कन्यादान आदि सभी रस्मों का प्रतिकात्मक आयोजन किया गया। श्रीकृष्ण रूकमणी विवाह होते ही पांडाल श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजा उठा । बांके बिहारी, नंदलाल मेरो है, गोविन्दा मेरो है, गोपाल मेरो है । यह तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं, आदि भजनों की धुनों पर श्रद्धालु नृत्य कर झूम उठे । भागवताचार्य शास्त्री जी ने कहा कि गुरु जो कहें वह करें, गुरू जो करें वह मत करो। नकल मत करो, गुरू के वचनों पर विश्वास कर लिया वहीं गुरु मंत्र है। बच्चों को केवल पुस्तकों का ज्ञान ही काफी नहीं है उन्हें व्यवहारिक ज्ञान भी आवश्यक है। ज्ञान से नमृता आती है, विद्या से विनयता आती है । अपने ज्ञान का कभी अभिमान नहीं करना चाहिए।
कथा में आज जरासंघ वध, कंस वध, कृष्ण-बलराम का यज्ञोपवित्रसंस्कार की कथा, सांदिपनी आश्रम एवं हरिहर मिलन तथा द्वारिका पूरी स्थापना का वर्णन किया गया। प्रारम्भ में यजमान श्रीमती दीपा शैलेन्द्र मण्डवारा द्वारा पोथी पूजन किया गया । कथा के अंत में आरती कर प्रसादी वितरण की गई।
इस अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष नवनीत सोनी संस्थापक संरक्षक मोहनलाल मिंडिया मार्गदर्शक भगवतीलाल जलोतिया, अरविंद सोनी,पुर्व अध्यक्ष जगदीश भामा, संजय अग्रोया, राजकुमार बैलाव, अध्यक्ष गजाधर जांगलवा, उपाध्यक्ष दिलीप वर्मा,शैलेष जलोतिया, कोषाध्यक्ष संजय सोलीवाल, सचिव रमेश सोनी, सहसचिव संतोष कड़ेल, प्रचार प्रमुख अखिलेश सहदेव, महिला मंडल अध्यक्ष, श्रीमती कृष्णा देवी मिंडिया, श्रीमती रेखा सोनी, युवा मंच अध्यक्ष  लक्की सदेवडा (भीमा), कार्यकारी सदस्य एवं सहयोग कर्ता राजेश भामा ,संजय मांडन, भूपेंद्र मंडावरा, कपूर सोनी, मोतीलाल मिंडिया, अशोक कड़ेल, हेमंत सारडीवाल, अनिल कड़ेल आदि सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।

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